Wednesday, 11 July 2012

सम्पादकीय पर आमिर


आसिफ इकबाल
आमिर खान। हिंदुस्तान के लिए कोई अनजाना नाम नहीं है। शायद ही कोई होगा, जो आमिर को न जानता हो। हिंदी फिल्मों के मिस्टर 'परफैक्शनिस्ट' अब अखबारों के सम्पादकीय पन्ने पर नजर आ रहे हैं। शायद ही कोई •ाारतीय इतिहास में अ•िानेता हो, जिसने अखबारों के सम्पादकीय पेज पर जगह बनाने में कामयाबी हासिल की हो। हमेशा मीडिया से दूरी बनाए रहने वाला ये सुपर स्टार अचानक मीडिया से कैसे जुड़ गया, इस राज को तो बखूबी आमिर के अलावा और कोई नहीं जानता। एक फिल्म करने के लिए 40 करोड़ का मेहनताना लेने वाला शख्स देश•ार के शहरों की खाक छानने लगा। आज आमिर के लग•ाग हर प्रतिष्ठित अखबार में कॉलम आना ये बताता है कि आमिर रुपहले पर्दे के कलाकार ही नहीं, वरन एक अच्छे लेखक •ाी बनते जा रहे हैं। स्टार प्लस के धारावाहिक सत्यमेव जयते से छोटे पर्दे पर कदम रखने के साथ ही आमिर को सराहना के साथ-साथ विरोध का •ाी सामना करना पड़ा। विरोध ऐसा कि प्रतिष्ठित मेडिकल संस्था आईएमए ने आमिर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया, लेकिन आमिर ने संस्था से माफी मांगने से इनकार कर दिया। सत्यमेव जयते के पहले एपीसोड से ही आमिर की आलोचना शुरु हो गई। आलोचकों का कहना था कि •ाले ही आमिर ने सत्यमेव जयते के स्लोगन को ले लिया हो, पर सच्चाई तो ये है कि आमिर कोई समाजसेवा नहीं कर रहे हैं। वो तो सिर्फ पैसे कमाने के लिए सत्यमेव जयते जैसे •ाावनात्मक स्लोगन का सहारा ले रहे हैं। बात •ाी सही हैं। आमिर ने समाजसेवा का ठेका थोड़ी ले रखा है। आमिर •ाी इस देश के आम नागरिकों में से एक हैं। समाजसेवा का काम तो नेताआों, अधिकारियों का होता है, जो देश की आजादी के बाद से जनता की किस तरह से सेवा कर रहे हैं, वो बखूबी दिखाई देता है। रही बात सत्यमेव जयते से पैसे कमाने की, तो सरकार को •ाी जनहित में कोई सूचना देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिनमें नेताओं और संबंधित अधिकारियों का कमीशन •ाी शामिल होता है। आमिर को अगर पैसा ही कमाना था, तो वो फिल्म निर्माण और एक्टिंग के अलावा विज्ञापन से करोड़ों की कमाई कर सकते हैं। एक वेबसाइट के अनुसार आमिर की वार्षिक आय 12 मिलियन डॉलर है। आमिर ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में खुलासा किया था कि सत्यमेव जयते की शूटिंग की वजह से इन्होंने बहुत से विज्ञापनों को छोड़ दिया, जिनसे उन्हें सत्यमेव जयते के निर्माण में लगने वाली रकम से कई गुना ज्यादा कमाई हो सकती थी। सवाल ये उठता है कि आमिर को अगर कमाई ही करनी थी, तो वो छोटे पर्दे पर इस तरह के धारावाहिक पर पैसा लगाने के बजाए, बिग बॉस, रोडीज, इमोशनल अत्याचार, सच का सामना या लोगों को रातोंरात करोड़पति बना देने वाले धारावाहिकों में निवेश कर सकते थे। वैसे •ाी दर्शकों और आलोचकों में इस तरह के धारावाहिकों पर आलोचना करने लायक कुछ नहीं मिलता है। लोगों की धड़कने बढ़ाने वाले और पैसे जिताने वाले एंकर्स की कोई आलोचना नहीं करता है। शायद ऐसे कार्यक्रम देश व संस्कृति को चुनौती नहीं देते हैं। सालाना15 मिलियन डॉलर कामने वाले शाहरुख, 13.5 मिलियन डॉलर कमाने वाले अक्षय कुमार, 6 मिलियन डॉलर कमाने वाले वाले सलमान खान और 3 मिलियन डॉलर कमाने वाले अमिता•ा बच्चन को ऐसा क्यों नहीं लगता है कि सत्यमेव जयते जैसे धारावाहिक बनाने पर अच्छी खासी रकम को खींचा जा सकता है। दरअसल किसी •ाी अ•िानेता के पास इतना वक्त नहीं है कि वो देश •ार में घूमकर अपना कीमती वक्त बर्बाद कर सके। •ाले ही आमिर की कुछ लोग आलोचना कर रहे हों, पर सच्चाई तो ये है कि देश का हर पीड़ित खासो-आम इंसान आमिर की प्रशंसा कर रहा है। आमिर खान ने आलोचकों की परवाह किए बगैर सत्यमेव जयते को जारी रखा है। सत्यमेव जयते को लेकर मीडिया ने आमिर का •ारपूर साथ दिया और आमिर •ाी अब हर हफ्ते अपने लेखों के जरिए वि•िान्न अखबारों के संपादकीय पन्ने पर नजर आ रहे हैं, जो ये बताता है कि सत्यमेव जयते के जरिए ही आमिर ने अखबारों के मुख्य पृष्ठ तक जगह बनाई।

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